महिलाओं के उत्थान हेतु देश मे बहुत योजनाए चल रही है जिसमे स्वयं सहायता समूह बनाने का कार्य किया जा रहा है लेकिन क्या वास्तव मे स्वयं सहायता समूह के द्वारा महिलाओं को फायदा मिल रहा है या कागजो मे ही आकड़े चल रहे है | मेरी जानकारी के अनुसार भारत सरकार की दो योजनाएं NRLM व NULM सम्पूर्ण देश मे चल रही है जिसमे लाखों SHG बनाये गए है | सरकार द्वारा महिलाओं हेतु अच्छी योजनाएं चलाई जा रही है लेकिन कही ना कही उनका फील्ड मे सही निष्पादन नहीं होने से योजनओं का लाभ नहीं मिलता है | सरकार के लिए ये एक गंभीर विषय है साथ ही इन योजनाओं से जुड़ने वाली महिलाओं के लिए | Guideline कहती है की SHG के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जायेगा लेकिन अधिकतर SHGs के केसेस मे ये देखने को मिलता है की SHG तो बनता है वो चलता भी है ५ से ६ महीने लेकिन उसके बाद या तो वो बंद हो जाता है या महिलयों ग्रुप छोड़ देती है | लेकिंन कही ना कही उपयुक्त मॉनिटरिंग नहीं होने से व योजनाओं का फील्ड मे निष्पादन करने वाले कार्मिको द्वारा रूचि नहीं लेने, समय पर फीडबैक नहीं लेने, एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा मॉनिटरिंग और रिव्यु नहीं कर...
A space to reflect, grow, and share learnings from my journey as a data-driven leader and lifelong learner. With roots in MIS, monitoring, and program management across development and urban sectors, I explore insights, tools, and experiences that shape impactful decision-making. Join me as I blend leadership, analysis, and learning into thoughtful growth.